किसी महा पुरुष ने कहा

ईर्ष्या और नफतर की आग में 
जलने वाला मनुष्य चाहे जितने 
जलन कर ले, वह सच्ची 
ख़ुशी और हसी नहीं प्राप्त कर
सकता
  

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