मध्य प्रदेश:- यहाँ पर बाबा भोले नाथ का दूसरा घर ऐसा लोग कहते है PANCHMADI को कहते है PANCHMADI की सुन्दर गुफह पुरातात्विक महत्व की भी है पौराड़ीक कथाओं के अनुसार - भस्मासुर नमक एक राछस था जिसे खुद महादेव ने बरदान दिया था की वह जिसके सर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जायेगा और भस्मा सुर ने यह बरदान खुद शिवजी पर ही आजमाना चाहा और बचने के लिये भगवन शिव ने जिन कंदराओ और खोहो की जगह ली बह सभी PANCHMADI में है शायद इसलिए यहाँ भगवन के कई मंदिर है PANCHMADI नाम क्यों पड़ा: -क्यों की यहाँ की मान्यताओ के अनुसार पांडवो अपनी अज्ञात वास का कुछ काल यहाँ पर बिताया था इस कारण इस इस्थान का नाम PACHMADI पड़ गया यही यहाँ की मान्यता है !
आइये जाने गन्ने के खेत में कोराजन के प्रयोग का सही तरीका 1.कोराजन का प्रयोग करते समय हाथो में दस्ताने मुह पर मास्क चस्मा सर पर टोपी जरुर पहने एक एकड़ खेत में कोराजन के प्रयोग के लिये एक खाली बाल्टी ले और उसमे 27 मग पानी भरे पानी साफ होना चाहिए अब कोराजन के 150 मिली लीटर का पैक खोले और उसे मग में सावधानी से डाल दे अब 150 मि 0 ली 0 कोराजन को उस बाल्टी में डाले जिसमे 27 मग पानी है उसे पानी में अच्छे से घोल ले ताकि मग में पूरी दवा पानी में मिल जाये इस घोल को डंडी से चला ले अब अपने स्प्रे पम्प को आधा पानी से भरे अब आधा भरने के बाद एक मग कोराजन का घोल बाल्टी से नि...
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